विंबलडन 2026 के पहले सेमीफाइनल मैच में जर्मनी के स्टार खिलाड़ी एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने इतिहास रच दिया है। पिछले 10 साल से ग्रैंड स्लैम खेल रहे ज्वेरेव अपने करियर में पहली बार विंबलडन के फाइनल में पहुंचे हैं। इसके साथ ही वह 1995 के बाद विंबलडन फाइनल में पहुंचने वाले जर्मनी के पहले पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। पूरे 31 साल बाद जर्मनी का कोई खिलाड़ी विंबलडन का फाइनल खेलेगा। इससे पहले 1995 में जर्मनी के बोरिस बेकर ने यह फाइनल खेला था। ज्वेरेव ने सेमीफाइनल मैच में ब्रिटेन के आर्थर फेरी को लगातार तीन सेटों में 7-6, 6-2, 6-4 से आसानी से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
लगातार दूसरे ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचे ज्वेरेव
कार्लोस अल्काराज जैसे बड़े खिलाड़ियों के पहले ही बाहर होने का फायदा ज्वेरेव को मिला। इसी साल (2026) फ्रेंच ओपन जीतने के बाद, ज्वेरेव अब लगातार अपने दूसरे ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंच गए हैं। सेमीफाइनल में भी उन्होंने कमाल का खेल दिखाया और ब्रिटेन के आर्थर फेरी को टिकने का कोई मौका नहीं दिया। पहले सेट में फेरी ने ज्वेरेव की सर्विस जरूर तोड़ी, लेकिन जब बात टाईब्रेक पर आई तो वह एक भी पॉइंट नहीं बना सके। इस तरह ज्वेरेव ने पहला सेट 7-6 से जीत लिया। इसके बाद उन्होंने लगभग 214 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली अपनी तेज सर्विस के दम पर मैच में अपना दबदबा बनाए रखा और बाकी दोनों सेट 6-2, 6-4 से आसानी से जीत लिए।
पहली बार विंबलडन फाइनल खेलेंगे ज्वेरेव
इस जीत के साथ ज्वेरेव दुनिया के उन खास खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने अपने करियर में चारों ग्रैंड स्लैम का फाइनल खेला है। यही नहीं, साल 1968 के बाद विंबलडन के फाइनल में पहुंचने वाले वे जर्मनी के सिर्फ तीसरे खिलाड़ी हैं। उनसे पहले जर्मनी के बोरिस बेकर और माइकल स्टिच ही ऐसा कर पाए थे। आखिरी बार 1991 में माइकल स्टिच ने जर्मनी के लिए विंबलडन जीता था। ज्वेरेव पहली बार विंबलडन का फाइनल खेलेंगे, क्योंकि इससे पहले वे कभी इस टूर्नामेंट के चौथे दौर (राउंड ऑफ 16) से आगे नहीं बढ़ पाए थे। साल 2026 में यह उनका तीसरा ग्रैंड स्लैम फाइनल है। इससे पहले वे इसी साल ऑस्ट्रेलियन ओपन और फ्रेंच ओपन का फाइनल भी खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने फ्रेंच ओपन का खिताब अपने नाम किया था। ऑस्ट्रेलियन ओपन में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
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